डिलीवरी के इतने दिन बाद बनाएं यौन संबंध | Delivery Ke Kitne Din Baad Sambandh Banana Chahiye

Delivery Ke Kitne Din Baad Sambandh Banana Chahiye
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डिलीवरी के बाद हो सकता है कि आप अपनी शारीरिक और मानसिक स्थितियों में बदलाव महसूस कर रही होंगी। नन्हे शिशु की देखभाल के कारण खुद के लिए और अपने साथी के लिए समय निकालना मुश्किल हो रहा होगा। साथ ही यौन संबंध को लेकर आपकी रुचि कम हो सकती है या फिर इसके लिए चाह कर भी समय नहीं मिल पा रहा होगा। इतना ही नहीं आपके मन में कई सवाल भी घूमते होंगे कि ऐसा करना सुरक्षित है या नहीं, कहीं मैं फिर से गर्भवती तो नहीं हो जाउंगी, अब अनुभव कैसा होगा आदि।

अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोच रही हैं, तो घबराइए नहीं, मॉमजंक्शन के इस लेख में हम प्रसव के बाद संभोग से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। शुरुआत हम इससे करते हैं कि क्या प्रसव के बाद यौन संबंध बनाना सुरक्षित है।

क्या डिलीवरी के बाद शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है?

डिलीवरी के तुरंत बाद शारीरिक संबंध बनाने से महिला को कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि डिलीवरी के कुछ ही दिनों या हफ्तों के बाद संभोग करने से महिला में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, योनि से रक्तस्राव या स्पॉटिंग, टांके खुलना व योनी में दर्द आदि की आशंका हो सकती है (1)

आगे जानिए कि डिलीवरी के कितने दिन बाद शारीरिक संबंध बनाए जा सकते हैं।

डिलीवरी के कितने दिन बाद संभोग करना सुरक्षित है?

प्रसव के बाद संभोग करना महिला की सेहत और सुविधा पर निर्भर करता है। लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं प्रसव के तीन से चार महीने बाद यौन संबंंध के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हो जाती हैं (1)। वहीं, डॉक्टर दर्द व रक्तस्राव बंद होने और टांके पूरी तरह घुल न जाने तक शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह देते हैं। ध्यान रहे कि नॉर्मल डिलीवरी के मुकाबले सिजेरियन डिलीवरी में शारीरिक रूप से पूरी तरह ठीक होने में महिलाओं से थोड़ा अधिक समय लगता है।

  • नॉर्मल डिलीवरी : जिन महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल होती हैं, वो प्रसव के चार-छह हफ्ते बाद यौन संबंध बना सकती हैं (2)
  • सिजेरियन डिलीवरी : सी-सेक्शन प्रसव वाली महिलाएं, प्रसव के आठ हफ्ते बाद यौन संबंध बना सकती हैं (3)

ध्यान रखें कि प्रसव के बाद शारीरिक संबंध बनाने का निर्णय पति-पत्नी को मिलकर लेना चाहिए। साथ ही इस बारे में एक बार अपने चिकित्सक से भी परामर्श करें।

लेख के इस हिस्से में हम बता रहे हैं कि प्रसव के बाद शारीरिक संबंध बनाते समय महिला को दर्द होता है या नहीं।

क्या डिलीवरी के बाद संभोग करते समय दर्द होता है?

प्रसव के बाद योनी में सूखापन आ सकता है, जिस कारण शारीरिक संबंध के दौरान महिला को दर्द हो सकता है। ऐसा स्तनपान करवाते समय महिलाओं में एस्ट्रोजेन नामक हॉर्मोन की कमी के कारण हो सकता है। सिजेरियन प्रसव के मुकाबले ऑपरेटिव योनि प्रसव वाली महिलाओं को शारीरिक संबंध के दौरान ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ सकता है (1)। ऑपरेटिव योनि प्रसव का मतलब यह है कि जब थकान की वजह से गर्भवती प्रसव के लिए स्वयं ताकत नहीं लगा पाती है, तो शिशु को वेक्यूम या फोरसेप्स की मदद से बाहर निकाला जाता है।

ऐसे में आप लुब्रिकेंट्स (lubricants) का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रखें कि आप संयम के साथ यौन संबंध बनाएं और ऐसी मुद्रा से बचें, जिससे महिला के गर्भाशय पर दबाव पड़े (2) अगर फिर भी ज्यादा दर्द होता है, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं।

लेख के अगले भाग में हम आपको बताएंगे कि प्रसव के बाद यौन संबंध का अनुभव में कुछ अंतर आता है या नहीं।

क्या डिलीवरी के बाद संभोग करने का अनुभव पहले से कुछ अलग होगा?

प्रसव के बाद शारीरिक संबंध बनाते समय पति-पत्नी का अनुभव पहले से अलग हो सकता है। असल में, प्रसव के दौरान महिला की पेल्विक मांसपेशियों पर तनाव और खिंचाव होता है, जिससे उन्हें काफी नुकसान होता है। वहीं, प्रसव के बाद इनमें ढीलापन आ जाता है, जिस वजह से दंपती के यौन संबंध का अनुभव प्रसव के पहले और बाद में अलग-अलग हो सकता है (4)। इससे घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि ये मांसपेशियां समय के साथ ठीक हो जाती है। पेल्विक मसल्स को जल्द ठीक करने के लिए आप कीगल एक्सरसाइज कर सकते हैं (5)

आइए, अब आपको बताते हैं कि प्रसव के बाद संभोग करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

डिलीवरी के बाद संभोग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

प्रसव के बाद आपकी शारीरिक स्थिति समय के साथ अपने आप सामान्य हो जाएगी, लेकिन फिर भी शारीरिक संबंध बनाते समय कुछ बातों को ध्यान में रखने से आप बेहतर महसूस कर सकती हैं।

अपना समय लें: प्रसव के बाद महिला की शारीरिक स्थिति, गर्भावस्था से पहले की स्थिति से अलग होती है। ऐसे में आवश्यक है कि संभोग में जल्दबाजी न की जाए। आप संभोग से पहले रोमांटिक बातें, शारीरिक क्रीड़ा जैसे मसाज व फोरप्ले आदि कर सकते हैं। इससे महिला को प्राकृतिक लुब्रिकेशन मिलेगा और संभोग करने में सुविधा होगी (6)

लुब्रिकेंट का उपयोग करें: एस्ट्रोजेन नामक हॉर्मोन की कमी से महिला को योनि में सूखापन महसूस हो सकता है। ऐसे में आप तरल लुब्रिकेंट्स (water-based lubricants) का उपयोग कर सकती हैं (7)। लुब्रिकेंट्स की मदद से महिला को यौन संबंध के दौरान योनि में जलन और दर्द का सामना नहीं करना पड़ेगा (8)

कीगल एक्सरसाइज: जैसा कि हम बता चुके हैं कि कीगल एक्सरसाइज आपकी पेल्विक मसल्स को जल्द ठीक करने में मदद करेंगी। आप इस एक्सरसाइज को कुछ इस प्रकार कर सकती हैं (5):

  • सबसे पहले कीगल (पेल्विक फ्लोर) मांसपेशियों को पहचाने। इसके लिए, मान लें कि आप मूत्र प्रवाह को बीच में रोक रही हैं। इस दौरान जिन मांसपेशियों पर दबाव बनता है, वो कीगल मांसपेशियां होती हैं।
  • ध्यान रहे कि यह एक्सरसाइज करते समय आपका मूत्राशय पूरी तरह खाली हो। अब जमीन पर लेट जाएं।
  • सांस अंदर लेते हुए अपनी मांसपेशियों को सिकोड़े और तीन से पांच सेकंड के लिए रुकें।
  • इसके बाद सांस बाहर छोड़ते हुए मांसपेशियों को तीन से पांच सेकंड के लिए आराम दें।
  • इस एक्सरसाइज को आप 10 के सेट में, दिन में दो बार दोहरा सकती हैं।

पोस्‍टनेटल डिप्रेशन: शारीरिक संबंधों में कम रुचि पोस्टनेटल अवसाद की वजह से भी हो सकती है। यह समस्या प्रसव के कुछ हफ्तों या महीनों से एक साल के बीच हो सकती है। ऐसा पहली गर्भावस्था में होना आम है। इस स्थिति में किसी विशेषज्ञ से परामर्श करने से मदद मिल सकती है (9)

प्रसव के बाद यौन संबंध के दौरान इस्तेमाल होने वाले गर्भनिरोधक उपायों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

किस प्रकार का गर्भ निरोधक इस्तेमाल करना सही रहेगा?

अगर आपकी गर्भवस्था को छह महीने से कम समय हुआ है और आप स्तनपान करवा रही हैं, तो स्तनपान स्वयं में एक अच्छा गर्भनिरोधक साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार, स्तनपान गर्भवस्था को 98 प्रतिशत तक रोक सकता है (10)। अगर आप स्तनपान नहीं करवा रही हैं, तो आप गर्भनिरोधक के दूसरे उपाये अपना सकती हैं, जैसे (11) :

  • कंडोम
  • शुक्राणुनाशक (spermicides)
  • पुरुष और महिला नसबंदी
  • आईयूडी (intrauterine contraceptive device)
  • प्रोजेस्टिन यानी गर्भनिरोधक गोलियां
  • इंजेक्शन
  • प्रत्यारोपण (Contraceptive implants)

प्रसव के बाद शारीरिक संबंध को लेकर महिला के मनोविज्ञान को समझने के लिए पढ़िए लेख का यह हिस्सा।

प्रसव के बाद मेरा संभोग करने का मन क्यों नहीं हो रहा?

अगर प्रसव के बाद आपकी शारीरिक संबंधों में रुचि कम हो गई है, तो घबराइए नहीं। ऐसा होना सामान्य है। संभोग करने की शारीरिक क्षमता आ जाने के बाद भी कई बार महिला मानसिक रूप से इसके लिए तैयार नहीं हो पाती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे मां बनने की नई जिम्मेदारियां, नींद पूरी न होना, स्तनपान की वजह से थकान आदि। इस कारण महिला को यौन संबंध भी भावनात्मक संबंध की जगह बोझ लगते हैं (2)

ऐसे में जरूरी है कि पति उनकी मनोवैज्ञानिक स्थिति समझ कर, उनका साथ दे। वहीं, महिला इस लेख में आगे बताए जा रहे टिप्स की मदद से अपनी शारीरिक संबंध की इच्छा को बढ़ा सकती हैं।

प्रसव के बाद यौन संबंध की इच्छा को कैसे बढ़ाएं?

तमाम तरह के शारीरिक, मानसिक और हॉर्मोनल बदलाव के चलते महिला की शारीरिक संबंधो में रुचि कम हो सकती है। ऐसे में आप निम्न उपायों को अपना कर संभोग की इच्छा को बढ़ा सकती हैं।

  • स्वयं को समय दें: कई बार थकान की वजह से भी शारीरिक संबंधों में रुचि कम हो सकती है। ऐसे में गहरी नींद, गर्म पानी से नहाना व मसाज आदि से आपकी थकान कम हो सकती है और आपकी समस्या भी।
  • अपने साथी के साथ समय बिताएं: दिन भर के काम, ऑफिस और शिशु की देखभाल के कारण अपने साथी के साथ समय बिताना मुश्किल हो जाता है। इससे भी शारीरिक संबंध में रुचि कम होने लगती है। ऐसे में आप अपनी दिनचर्या से कुछ समय सिर्फ अपने साथी के लिए निकालें। अपने साथी के साथ रोमांटिक समय बिताना जैसे टीवी देखना, फिल्म देखना, साथ घूमने जाना व कैंडल-लाइट डिनर पर जाना आदि गतिविधियां आपकी मदद कर सकती हैं।
  • अपने साथी से बात करें: आप कैसा महसूस कर रही हैं, ये अपने साथी को जरूर बताएं। अगर आपकी शारीरिक संबंध में रुचि कम हो रही है या आपको किसी बात की चिंता सता रही है, तो इस बारे में अपने साथी को बताएं। इससे आपका मनोबल बढ़ेगा और आप बेहतर महसूस करेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या संभोग के बाद शिशु को स्तनपान करवाना सुरक्षित है?

जी हां, संभोग के बाद शिशु को स्तनपान करवाना पूरी तरह सुरक्षित है। जैसा कि हम लेख में बता चुके हैं कि स्तनपान 98 प्रतिशत तक गर्भनिरोधक का काम कर सकता है (10)। अगर आप यौन संबंध के बाद स्तनपान करवा रही हैं, तो यह आपके और आपके शिशु के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

शिशु के रहते हुए हम खुद के लिए समय कैसे निकालें?

शिशु के होने के बाद भी खुद के लिए और अपने साथी के लिए समय निकालना जरूरी है। आप उस समय का उपयोग कर सकती हैं, जब शिशु सो रहा हो। इसके अलावा, आप अपने साथी, परिवार के सदस्य व दोस्त आदि की भी मदद ले सकती हैं। याद रखिये कि शिशु की देखरेख को लेकर आपकी और आपके साथी की जिम्मेदारी बराबर है।

ध्यान रखिए कि प्रसव के बाद शारीरिक संबंध बनाने का आप पर कोई दबाव नहीं है। शरीर आपका है और उससे जुड़ा यह निर्णय भी आप ही का होगा। वहीं, अगर रुचि होने के बाद भी किसी वजह से आप अपने साथी के साथ शारीरिक रूप से नहीं जुड़ पा रही हैं, तो यह लेख शायद आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। आप चाहें तो इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी बात कर सकती हैं। अगर आप इस संबंध में कुछ और जानना चाहती हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखें, हम तथ्यों सहित जवाब देने का प्रयास करेंगे।

संदर्भ (References):

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