गर्भावस्था के 12 शुरुआती लक्षण | Pregnancy Ke Lakshan

Pregnancy Ke Lakshan
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मासिक धर्म का न आना गर्भावस्था का पहला लक्षण माना जाता है। यही कारण है कि पीरियड्स न आने पर कई महिलाओं के मन में गर्भावस्था को लेकर ढेरों सवाल घूमने लगते हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि सिर्फ माहवारी का न आना गर्भावस्था के एकलौता संकेत नहीं होता। इसके अलावा और भी कई लक्षण होते हैं, जिनकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि आप गर्भवती हैं या नहीं। मॉमजंक्शन के इस लेख में हम उन्हीं शुरुआती लक्षणों की बात करेंगे और उन्हें विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे। साथ ही, इस लेख की मदद से आप गर्भावस्था की जांच करने के तरीकों के बारे में भी समझ सकेंगी।

आइए, सबसे पहले आपको बता दें कि गर्भावस्था के लक्षण कितनी जल्दी नजर आने लगते हैं।

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण कितनी जल्दी शुरू होते हैं?

गर्भावस्था के कुछ शुरुआती लक्षण जैसे थकान, स्तन या निप्पल पर सूजन आदि गर्भावस्था के पहले हफ्ते से शुरू हो सकते हैं। यहां हम टेबल के जरिए बता रहे हैं कि गर्भावस्था के कौन-से लक्षण कब नजर आने शुरू होते हैं (1):

लक्षण शुरू होने का समय
रक्तस्राव और ऐंठन  गर्भधारण करने के 6 से 12 दिन बाद
स्तन या निप्पल पर सूजन गर्भधारण करने के 1 से 2 हफ्ते बाद
थकान गर्भधारण करने के 1 हफ्ते बाद
मूड स्विंग गर्भधारण करने के 1 से 2 हफ्ते बाद
बार-बार पेशाब आना गर्भधारण करने के 1 से 8 हफ्ते बाद
जी मिचलाना/उल्टी होना (मॉर्निंग सिकनेस) गर्भधारण करने के 4 से 6 हफ्ते बाद (2)
कुछ खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा होना गर्भधारण के बाद 10 से 12वें हफ्ते में (3)
वजन में बदलाव पहली तिमाही में (4)
सीने की जलन पहली तिमाही में (5)
सिरदर्द पहली तिमाही में
सांस लेने में तकलीफ होना पहली तिमाही में (2)
कब्ज पहली तिमाही में (6)

लेख के अगले भाग में जानिए कि कितना आम है गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों का पता चलना।

क्या सभी महिलाओं में गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण नजर आते हैं?

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण सभी महिलाओं में नजर नहीं आते। यह सब महिला की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। कई बार महिला को गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे मासिक धर्म न होना, मॉर्निंग सिकनेस व सिरदर्द आदि। वहीं, कुछ परिस्थितियों में हो सकता है कि ये गर्भावस्था के लक्षण न हों, बल्कि किसी और वजह से हों (1)। इसलिए, इस बात की पुष्टि करने के लिए कि आप गर्भवती हैं या नहीं, प्रेगनेंसी टेस्ट अवश्य कर लें।

आगे विस्तार से जानिए गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों के बारे में।

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण | Pregnancy Ke Shuruati Lakshan

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

1. मासिक धर्म का न आना

इसे गर्भावस्था का सबसे पहला लक्षण माना जाता है। जब आप गर्भवती होती हैं, तो शरीर ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin) नाम का एक हार्मोन बनाता है, जिसे प्रेगनेंसी हॉर्मोन भी कहा जाता है। ऐसा तब होता है, जब फर्टिलाइज अंडा गर्भाशय में पहुंच जाता है। इसकी वजह से मासिक धर्म आने बंद हो जाते हैं (7)

2. रक्तस्राव और ऐंठन

कुछ महिलाओं को गर्भधारण करने के बाद हफ्ते भर में ही योनि से रक्तस्राव होने लगता है। ध्यान रहे कि यह रक्तस्राव मासिक धर्म जैसा नहीं होता। ऐसा गर्भधारण करने के बाद पहले हफ्ते से 12वें हफ्ते तक हो सकता है (1)

3. स्तन और निप्पल पर सूजन

गर्भधारण करने के बाद कुछ हफ्तों में आपको महसूस होगा कि आपके स्तन पर सूजन आ रही है और वो भारी होने लगे हैं। साथ ही उनका आकर भी बढ़ने लगेगा और संवेदनशील हो जाएंगे (1)। इस दौरान, आपके निप्पल का रंग बदल कर गहरा भी हो सकता है। ऐसा शरीर में चल रहे हार्मोनल बदलाव की वजह से हो सकता है (8)

4. थकान

गर्भधारण करने के बाद पहले हफ्ते में आप ज्यादा थकान महसूस कर सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आपके शरीर में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन बनने लगता है। यह हॉर्मोन भ्रूण के विकास में भी मदद करता है (1)

5. मॉर्निंग सिकनेस

बेशक, इसे मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है, लेकिन यह किसी भी समय हो सकता है। इस दौरान, महिला को जी मिचलाना, उल्टी आना और भूख कम लगने की समस्या हो सकती है। अमूमन, यह गर्भावस्था के 12वें हफ्ते तक बंद हो जाता है (2)

6. बार-बार पेशाब आना

गर्भावस्था के दौरान आपका गर्भाशय बड़ा होने लगता है, जिससे मूत्राशय पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई प्रकार के तरल पदार्थ बनते हैं, जिनकी वजह से आपको गर्भावस्था के दौरान बार-बार पेशाब जाने की तीव्रता हो सकती है (2)

7. खाद्य पदार्थों के लिए तीव्रता

किसी खाद्य पदार्थ को खाने की अचानक से इच्छा होना या किसी ऐसे खाद्य पदार्थ को खाने का मन न होना, जो पहले पसंद था। आपको गर्भावस्था के दौरान मिट्टी, चाक या पेपर खाने का भी मन हो सकता है। ऐसा किसी पोषक तत्व की कमी की वजह से हो सकता है (2)

8. मूड स्विंग

गर्भावस्था के दौरान आपके मूड में अचानक परिवर्तन आना आम बात है। ऐसा आपके शरीर में चल रहे हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है। गर्भावस्था के दौरान, कुछ महिलाएं अवसाद (depression) का भी शिकार हो जाती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ से परामर्श करना आवश्यक है (2)

9. सिरदर्द

गर्भावस्था के दौरान ज्यादा सिरदर्द होना उच्च रक्तचाप की वजह से हो सकता है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, प्री-एक्लेम्पसिया का कारण बन सकता है (2)

10. सीने में जलन

जब पेट में बनने वाला एसिड पेट से ऊपर की ओर बढ़ कर फूड पाइप (Oesophagus) में आता है, तो यह सीने में जलन का कारण बनता है। यह सामान्य स्थिति में भी होता है और गर्भावस्था में एसिडिटी होना आम है (2)

11. कब्ज

गर्भावस्था के दौरान, महिला का पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है। ऐसा महिला के शरीर में चल रहे हार्मोनल बदलाव के चलते हो सकता है। साथ ही, गर्भाशय का आकर बढ़ने की वजह से मलाशय पर भी दबाव पड़ता है, जो कब्ज का एक कारण बन सकता है (2)

12. सांस लेने में तकलीफ होना

गर्भधारण करने के बाद आप गहरी सांसें लेना शुरू कर सकती हैं, क्योंकि भ्रूण तक ऑक्सीजन आपके द्वारा ही पहुंचती है। असल में, इस दौरान प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन का उत्पादन होता है, जो आपके फेंफड़ों के ऑक्सीजन लेने की क्षमता को बढ़ाता है। इससे आपको लगता है कि आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है (2)

आइए, अब आपको बता दें कि आप अपनी गर्भावस्था की पुष्टि कैसे कर सकती हैं।

मैं अपनी गर्भावस्था की पुष्टि कैसे करूं?

जैसा कि हम बता चुके हैं कि ऊपर बताए गए गर्भावस्था के लक्षण सभी महिलाओं में एक समान नहीं होते। ऐसे में, अगर आपको लगता है कि आप गर्भवती हैं, तो आप कुछ टेस्ट की मदद से उसकी पुष्टि कर सकती हैं। ये टेस्ट कुछ इस प्रकार हैं (9):

  1. प्रेगनेंसी स्ट्रिप टेस्ट : आप घर में प्रेगनेंसी किट लाकर टेस्ट कर सकती हैं। इस टेस्ट को अक्सर निश्चित समय पर मासिक धर्म न आने के बाद किया जाता है। इस टेस्ट में प्रेगनेंसी स्ट्रिप की मदद से यूरिन में प्रेगनेंसी हार्मोन की जांच की जाती है। हालांकि, इस जांच के परिणाम पूरी तरह सटीक नहीं होते। कई बार इसमें बताए गए परिणाम गलत भी हो सकते हैं, जैसे गर्भवती न होने के बावजूद सकारात्मक नतीजे देना या इसका उल्टा। घर में प्रेगनेंसी टेस्ट आप कुछ इस प्रकार कर सकते हैं:
  • सबसे पहले मेडिकल स्टोर से एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट ले आएं। ध्यान रखें कि आप उसकी एक्सपायरी डेट देख लें।
  • एक कप में यूरिन लें और ड्रॉपर की मदद से तीन से चार बूंदें प्रेगनेंसी टेस्ट स्ट्रिप पर डालें। इस टेस्ट के लिए सुबह के पहले यूरिन का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
  • प्रेगनेंसी टेस्ट स्ट्रिप पर यूरिन डालने के बाद 5 से 10 मिनट तक इंतजार करें।
  • इसके बाद, अगर स्ट्रिप पर दो रेखाएं आती है, तो इसका मतलब कि आप गर्भवती हैं। वहीं, एक लाइन का मतलब है कि आप गर्भवती नहीं हैं।
  • अगर एक भी लाइन न आए, तो इस टेस्ट को नई किट की मदद से दोहराएं।
  1. खून की जांच : गर्भावस्था की 100 प्रतिशत पुष्टि करने के लिए डॉक्टर खून की जांच करवाने की सलाह देते हैं। इन्हें साधारण ब्लड टेस्ट की तरह ही किया जाता है। इसकी मदद से यह जांचा जाता है कि खून में प्रेगनेंसी हॉर्मोन है या नहीं और अगर है तो किस मात्रा में मौजूद है। खून की जांच के परिणाम पूरी तरह सटीक माने जाते हैं।

इस आर्टिकल में बताए गए कुछ लक्षणों का सामना आपको गर्भावस्था के तीनों तिमाही में करना पड़ सकता है और कुछ बीच में ही खत्म हो सकते हैं। ध्यान रहे कि जैसे-जैसे आपकी गर्भावस्था आगे बढ़ेगी, आपके शरीर में और भी कई बदलाव आएंगे, लेकिन उनसे घबराने की जरूरत नहीं है। इन बदलावों के बारे में आपको विस्तृत जानकारी हमारे अन्य लेखों के माध्यम से आपको मिल सकती है। वहीं, आप जब भी शारीरिक या मानसिक रूप से कमजोरी महसूस करें, तो अपने साथी और अपने चिकित्सक से बात जरूर करें। गर्भावस्था सुखद अनुभवों में से एक है, तो इस समय का पूरा आनंद उठाएं। साथ ही, अगर आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए पूछ सकते हैं।

संदर्भ (References) :

6. Constipation by Department of Health, Australian Government
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